(Prem Sewa) प्रेम सेवा अर्जी – पिया तुम हो तैसी किजियो

पिया तुम हो तैसी किजियो में अरज करू मेरे पिउजी

हम जैसी तुम जिन करो मेरा तलफ तलफ जए जीवजी

जीवरा तो जीवे नहीं क्यू मिटे दिलकी प्यास जी

तुम बिना में किनसो कहुँ तुम हो मेरि आश जी

आश बिरानी तो करू जो कोहि दुसरा होए जी

सब विध पियाजी सामरथ दिन रैन जात रोए रोए जी

जन्म अँधे जो हम होते, सो तुम देखेते किये जी

जब तुम आप दिखाओगे, तब देखे नैना भरे जी

ये पुकार पिया सुन के दिल  करो अब जिन पिउजी

क्षण क्षण खबर लिजिए में अरज करू दुलहिन जी

येती अरज में तो करू जो आडी भै अन्तराए जी

सो आडी अन्तराए टालके, लिजे दुलहा लिजिये कण्ठ लगाइय जी

कण्ठ लगाए कण्ठ सो किजे हाँस विलास जी

बाराने जाए श्री इन्द्रावती पियाजि कदमो राखो पास जी

तुम दुलाहा में दुलहिन और नजानो बात जी

प्रेमसो सेवा करू सब अंगो साक्ष्यात जी

सदा सुख दाता धामधनि मै काँहा कहु इन बात जी

श्री महमति जुगल स्वरूप पर अंगना बलि बलि जात जी  x २ अंगना बलि बलि जात जी

आनन्द मंगल श्री धाम धनि ज्यु कि जय !!!

श्री जुगलकिशोर ज्यु कि जय

श्री ब्रिन्द्राबन चन्द्र ज्यु कि जय

श्री रास् कि रमैया ज्यु कि जय

श्री हुकुम कि स्वरुप ज्यु कि जय

श्री धनि  देवचन्द्र ज्यु कि जय

श्री जियावर साहेब ज्यु कि जय

श्री बाइजुराज ज्यु कि जय

श्री महाराज छत्रसाल ज्यु कि जय

श्री सुन्दर साथ ज्यु कि जय

श्री सुन्दर साथ जियावर ज्यु साहेब जियु कि चरणारबिन्द में हित चित दिजिये

चरणारबिन्द में (हित चित दिजिये) x २

-प्रणाम !!!

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Name *
Email *
Website